रुड़की: इंजीनियरों की हड़ताल से ₹350 करोड़ के प्रोजेक्ट ठप; 10वें दिन आंदोलन में कूदे पेयजल और जल संस्थान के अभियंता

रुड़की: इंजीनियरों की हड़ताल से ₹350 करोड़ के प्रोजेक्ट ठप; 10वें दिन आंदोलन में कूदे पेयजल और जल संस्थान के अभियंता

Drinking Water and Water Corporation Engineers Join

Drinking Water and Water Corporation Engineers Join

रुड़की। Drinking Water and Water Corporation Engineers Join, इंजीनियर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दसवें दिन आंदोलन ने और जोर पकड़ा, जब पेयजल निगम और जल संस्थान के अभियंता भी इसमें कूद पड़े। बढ़ते दबाव के बीच कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने आंदोलन स्थल पहुंचकर समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन अभियंताओं ने मांगें पूरी होने तक पीछे हटने से इनकार कर दिया।

बुधवार को रुड़की समेत प्रदेशभर में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल और व्यापक रूप में नजर आई। रुड़की सिंचाई विभाग परिसर में बड़ी संख्या में अभियंताओं ने एकत्र होकर शासन की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

पेयजल निगम और जल संस्थान के अभियंताओं के शामिल होने से आंदोलन को नई धार मिली, जिससे अब इसका असर आम जनजीवन पर भी दिखने लगा है। आंदोलन स्थल पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने महासंघ के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि लंबित मांगों पर शासन स्तर पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान अभियंताओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए वेतन विसंगतियों, ग्रेड पे, पदोन्नति और पुरानी पेंशन बहाली जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया। हड़ताल के चलते प्रदेश में ग्रामीण निर्माण, शहरी विकास, सिंचाई और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के करीब 350 करोड़ के कार्य ठप हो गए हैं।

कई विभागीय बैठकों को भी स्थगित करना पड़ा, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि अब आवश्यक सेवाओं से जुड़े अभियंता और उच्च अधिकारी भी आंदोलन में पूरी तरह शामिल हो चुके हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता शोयब ने की, जबकि संचालन करेश अली ने किया।

इस दौरान गौरव त्यागी, अमर सिंह, विपिन सैनी, अनुज सैनी, नीटू, अनिल सैनी और स्वाति गुप्ता, सोनिया धीमान,रिया सैनी सहित कई अभियंताओं ने आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया। महासंघ ने साफ किया कि जब तक मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, जिससे शासन पर दबाव और बढ़ेगा।

इन विभागों के कार्य हुए प्रभावित

  • रुड़की में लोनिवि के सोलीनी नदी पर बनने वाला पुल कार्य प्रभावित
  • सिंचाई विभाग के 196 करोड़ के जलनिकासी के कार्य प्रभावित
  • कुंभ मेले से पहले होने वाले रुड़की-भगवानपु-नारसन क्षेत्र से जलनिकासी के करीब 535 करोड़ के कार्य प्रभावित
  • नगर निगम रुड़की में आजादनगर से रामनगर चौक तक 67 लाख का नाला परियोजना का कार्य प्रभावित
  • ग्रामीण विकास विभाग के कुंभ मेले के बजट से चार करोड़ के कार्य प्रभावित, औषधि भंडार रुड़की का कार्य अटका
  • लघु सिंचाई विभाग के चार करोड़ के कार्य प्रभावित, करीब एक हजार से ज्यादा किसानों के लिए सिंचाई गूल निर्माण, नाबार्ड,

पीएमकेएसवाई के कार्य अटके

  • कृषि विभाग के 10 लाख के कार्य प्रभावित
  • नलकूप विभाग के सिंचाई कार्य, 50 लाख के कार्य प्रभावित
  • 31 मार्च से पहले बनने वाला, वर्षाकाल के लिए प्रस्तावित 350 करोड की परियोजना अटकी
  • जलसंस्थान पेयजल निगम के करीब एक करोड़ के कार्य प्रभावित